Indicators on kaam bante-bante ruk jaate hain You Should Know
This celebration encourages us to generate profound connections with our inner selves, which promotes spiritual progress and peace. This holy year reminds us the Main of devotion will be the purity of our hearts as well as the sincerity of our prayers.सामग्री तैयार करें: मिट्टी का पात्र (जिसमें जौ उगाने के लिए मिट्टी भरी हो)
* ऐसी बीमारियां जिनका इलाज संभव नहीं है, वह भी काली की पूजा से समाप्त हो जाती हैं।
जीवन में आने वाले संकट और बाधाएं दूर होती हैं।
काली : ऊँ क्रीं क्रीं क्रीं ह्रीं ह्रीं ह्रीं हूं हूं दक्षिण कालिके क्रीं क्रीं क्रीं ह्रीं ह्रीं ह्रीं हूं हूं स्वाहा:।
गुप्त नवरात्रि हिंदू सनातन धर्म में अत्यंत पवित्र और आध्यात्मिक समय मानी जाती है। यह नवरात्रि विशेष रूप से गुप्त साधनाओं, तांत्रिक अनुष्ठानों, और महाविद्या की उपासना के लिए मनाई जाती है। इसे गुप्त इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसकी साधनाएं और अनुष्ठान गुप्त रूप से किए जाते हैं। इसका मुख्य उद्देश्य आत्म-शुद्धि, शक्ति संचय और देवी के विभिन्न स्वरूपों की आराधना करना है।
मातंगी : श्री ह्रीं क्लीं हूं मातंग्यै फट् स्वाहा:।
घट (कलश) स्थापना नवरात्रि पूजा का प्रथम और सबसे महत्वपूर्ण चरण है। यह शुभता, ऊर्जा, और देवी दुर्गा की उपस्थिति का प्रतीक है।
In keeping with Getting rid of Black Magic, using this sadhana, the seeker can protect himself and his family from evil eyes, tantric road blocks, misfortune, and enemy defects. The sadhana of such 9 times purifies the soul, cuts off old sins and karmic bonds, and sales opportunities the individual to new auspicious options in life.
कलश स्थापना कब होगी, भगवती की विदाई किस दिन है? जानते हैं एक्सपर्ट से.
गुप्त नवरात्रि पर्व के दिनों में सुबह जल्द website उठकर दैनिक कार्यों से निवृत्त होकर स्नान करने के बाद स्वच्छ कपड़े पहनें।
मां दुर्गा की प्रतिमा को लाल रंग के वस्त्र में सजाएं।
कमला : ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद-प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नम:।
कलश के मुख पर आम या अशोक के पत्ते लगाएं।
* हर तरह की बुरी आत्माओं से माता काली रक्षा करती हैं।